कुछ दिन पहले की ही घटना है। मैं कुछ कम से मेरे बाहर गया था। वो जगह मेरे बड़े साली के घर के पास ही थी। तो मैंने सोचा चलो उनके घर पर मिलाके आते हैं। सुबह का वक्त था, जब उसके घर पर गया तो वो अपने बेटे को स्कूल के लिए तैयार कर रही थी। वो घर पर अकेली थी। उसका पति ऑफिस जा चूका था। मेरे साली की उमर लगभाग मेरे ही इतानी है।वो एक हाउसवाइफ है और दिखने में काफी खूबसूरत भी।मैं भी काफी हैंडसम हूं। मेरी शादी के बाद जब उनके परिवार से जुड़ गया तबसे उसका
और मेरा काफी बनता है।हमलोग बहुत गप्पे लड़ाते रहते हैं।पर कभी कुछ और इरादा नहीं था।पर काफी दिनो मुझे ये महसूस हो रथ की वो मेरे तरफ काफी अट्रैक्ट हुई है। उस दिन जब मैं उसके घर पर गया तो वह अपने बेटे को तैयार कर रही थी।उसका बेटा 4 साल का बिस्तर पर बैठा था और वह आला बैठ कर जूते पहन रही थी।उसने मुझे बैठने के लिए कहा।और मेरे उसके बेटे के बगल में बैठ गया।मेरा ध्यान जब मेरे साली पर पड़ा तो मैंने देखा उसे सलवार पहन राखी थी और उसके ऊपर कोई चुनरी नहीं थी। वो झुके हुए बेटे के जूते बांध रही थी। मैं बिस्तर पर बैठा होने के कारण मुझे उसके स्तन दिखायी दे रहा था। मैं लगातार उसके स्तन देख रहा था। मुझे उत्साह होने लगी थी। थोड़ी देर में उसने मुझे ऊपर मेरे तरफ देखा। तब उसके ध्यान में आ गया कि मैं उसके स्तन देख रहा हूँ।उसने थोड़ी मुस्कुरा दी और उठके खड़ी हो गई।मुज़े उसने बैठने के लिए कहा और वो बेटे को छोड़ने बस स्टॉप चली गई। मुझे काफी एक्साइटमेंट हो रही थी। मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था। मैं वैसे ही चुपचप बैठा रहा। थोड़ी ही देर में वो वापस आई, आते हुए उसने बंगले का मेन गेट बंद किया। तब तक मैं भी हॉल में सोफ़े पर आ कर बैठ गया था पर मेरे आँखें उसके समाने सुंदर स्तन ही दिखायी दे रहे थे। फिर वो अंदर आ गयी और उसने अंदर से बंद कर दिया। फिर वो हाल में आ कर मेरे
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सामने बैठ गई। फिर उसने मुझसे बाते शुरू की, उसने पूछा मैं इधर कैसे आया। मैंने उसे मेरे आने का कारण बताया। फिर उसने मुझे छेड़ते हुए बोला मुझे पता है तुम बिस्तर पर बैठके क्या घूर रहे थे। मैंने भी उसे हंसते हुए जवाब दिया कि उसके स्तन काफी सुंदर हैं। फिर उसने बोला देखना है, मैंने भी उसे हा कहा। फिर वो उठे मेरे बजुमे आकार बैठ गई और बोली फिर तुम शर्मा क्यों रहे हो। मैं तो काफी दिनों से तुम्हारे इशारों का इंतजार कर रही थी। उसने कहा तुम्हारी बीवी एकबार बातो में बताया था कि तुम काफी अच्छा सेक्स कराटे हो और वो काफी संतुष्ट है। तबसे मुझसे तुम्हारे साथ रहने की काफी इच्छा थी। आज तुम मुझसे संतुष्ट करो।
मैं भी काफी एक्साइटेड थी। मैंने धीरे-धीरे उसे स्तन दबाना शुरू किया, वो मेरे बजूमे बैठ के मेरे पैंट के ऊपर से हाथ घुमा रही थी। फिर मैंने उसे किस करना शुरू किया। मैंने उससे पूछा कि कभी मुंह में लिया है तो उसने सर हिला कर ना बोला। पर वो मुँह में लेने के लिए तैयार हो गई। उसने थोड़ी देर चूसा किआ।तब तक मैंने उसे सारे कपड़े उतार दिए थे।मैंने उसे गांड पर अपना हाथ घुमाना शुरू किया और पीछे से उसकी चूत में उंगली डालना शुरू किया। फिर मैंने उसे उल्टा घुमाकर मेरा लंड
पीछे से उसकी चूत में डाल दिया। वो काफी एक्साइट हुई थी.मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया था.उसको पहली बार डॉगी शॉट का मजा मिला था, काफी देर तक चोद ने के बाद मेरे लंड ने जवाब दे दिया.वो काफी संतुष्ट हुई थी.फिर हमने कपड़े पहन लिए और वो मेरे लिए चाय बनाने चली गई.चाय पाइन के बाद जब मैं जाने निकला तो वो मुझसे लिपट गई और उसने एक हाथ से मेरे लंड को मसलना शुरू किया। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। फिर मैंने उसकी सलवार खोल कर सोफे पर लिटाया और फिर से एकबार चोद दिया। उसके बाद कुछ दिन तक हमने कोई बात नहीं की। शायद दोनों को दोषी महसूस हो रहा था। क्योंकि उसने मेरी छोटी बहन का पति था। फिर एक दिन उसका मुझे फोन आया और वो बोली कि उसका पति आज टूर पर गया है, मैं फिर से उसके घर चला गया… READ MORE
